केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मीडिया को कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आमजन की सुविधा के लिये एनआरसी के स्थान पर एनपीआर अपडेट करने को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि इसके लिए इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। उन्होंने बताया कि भारत में ब्रिटिश जमाने से देश की जनसंख्या की जनगणना होती है। आजादी के बाद अब तक 7 बार जनगणना हो चुकी है, अब आठवीं बार होगी। इसमें सभी लोगों की गिनती मुद्दा होता है। आने वाले यानी 2020 के अप्रैल से सितंबर तक यह काम चलेगा। लाखों लोगों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से इस प्रक्रिया को आसान बनाने का काम किया गया है। इसके लिए ऐप तैयार किया गया है। कैबिनेट ने जनगणना के लिए 8,754.23 करोड़ के खर्च को मंजूर किया है। नैशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर के लिए 3,941.35 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। 1 अप्रैल 2020 से जनगणना शुरू की जाएगी और सितंबर तक चलेगी। इसके लिए किसी तरह के दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
एनआरसी के स्थान पर एनपीआर को मंजूरी, जनगणना को होगा एप
• VED MADAU